Касе ки нисбати қадат ба сарв ноз кунад

کسی که نسبت قدّت به سرو ناز کند

Чигуна боз ба рӯй ту дида боз кунад

چگونه باز به روی تو دیده باز کند

Чаҳ ҷои сарв ки шамшоди боғи ҷинат ро

چه جای سرو که شمشاد باغ جنّت را

намерасад ки ба қади ту по дароз кунад

نمی رسد که به قدّ تو پا دراز کند

Мапуаш дида з рӯем ки бахти баргардад

مپوش دیده ز رویم که بخت برگردد

з ҳар ки бар рухи дарвеш дар фароз кунад

ز هر که بر رخ درویش در فراز کند

Туе ки чашми туро нест расми мардумӣ ӣӣ

تویی که چشم تو را نیست رسم مردمی یی

Ба ғайр аз ин ки ба аҳли ниёз ноз кунад

به غیر از این که به اهل نیاز ناز کند

Гумон мабар ки ба комӣ расад зи нӯши лабат

گمان مبر که به کامی رسد ز نوش لبت

Дилӣ ки аз ?илами неш эҳтироз кунад

دلی که از الم نیش احتراز کند

Умед ҳаст ки дар боғи ҷони хаёлӣ ро

امید هست که در باغ جان خیالی را

Ҳавои сарви баланди ту сарфароз кунад

هوای سرو بلند تو سرفراز کند