Моро ба дар дӯсти кушод аз ҳаваси хеш

ما را به درِ دوست گشاد از هوس خویش

Вақте сет ки дорад саги он кӯии каси хеш

وقتی ست که دارد سگ آن کوی کس خویش

То кӣ бар он рӯй блоФии гули раъно ?

تا کی برِ آن روی بلافی گل رعنا؟

Бигзор ду рӯеу нигари пеш ва пас хеш

بگذار دو رویی و نگر پیش و پس خویش

Ғам нест ки наздики блоиими валикин

غم نیست که نزدیک بلاییم ولیکن

Фарёд ки даврем зи фарёди раси хеш

فریاد که دوریم ز فریاد رس خویش

Афсурдаи ҳарифи сухан сӯхтагон нест

افسرده حریف سخن سوختگان نیست

Зинҳори ту зойеъ макун эй неи нафаси хеш

زنهار تو ضایع مکن ای نی نفس خویش

Бози он даҳани танг чаҳ пӯшии зи хаёлӣ

باز آن دهن تنگ چه پوشی ز خیالی

Пинҳон чаҳ кунӣ танги шукр аз магаси хеш

پنهان چه کنی تنگ شکر از مگس خویش