То ба хӯни резии ғамат ханҷар гирифт
تا به خون ریزی غمت خنجر گرفت
Кокулати расми ҷафо аз сар гирифт
کاکلت رسم جفا از سر گرفت
Моҳи рухсори туро дар ҷамъи дӯш
ماهِ رخسار تو را در جمع دوش
Дид шамъ ва аз хиҷолат даргирифт
دید شمع و از خجالت درگرفت
Лолаи зони дами соқии базм ту шуд
لاله زآن دم ساقی بزم تو شد
Каз сармастӣ ба каф соғар гирифт
کز سرمستی به کف ساغر گرفت
Чун балоли холи мишкӣнат ба хӯн
چون بلال خال مشکینت به خون
Ташна шуд ҷо бар лаб кавсар гирифт
تشنه شد جا بر لب کوثر گرفت
Аз нами чашми хаёлии оқибат
از نم چشم خیالی عاقبت
Сар ба сари хок дарат гавҳар гирифт
سر به سر خاک درت گوهر گرفت