Ҳар он ҳадис ки дар даъвӣ муҳаббат туаст
هر آن حدیث که در دعویِ محبّت توست
Ба қомати туу аҳдам ки ростасту дуруст
به قامت تو و عهدم که راست است و درست
Аз он ба роҳи ғамати шод май рӯм ки маро
از آن به راه غمت شاد می روم که مرا
Бад-ӣни тариқ равон кард ишқи рӯзи нахуст
بدین طریق روان کرد عشق روز نخست
зи соликони раҳи ишқ бар сари Кувайт
ز سالکان ره عشق بر سر کویت
Ки пои ниҳод ки аз обрӯӣ даст нишаст ?
که پا نهاد که از آبروی دست نشست؟
Бад-ӣни хушам ки зи борони ашку тухми вафо
بدین خوشم که ز باران اشک و تخم وفا
Марои зи мазраъи дили ҷузи гиёҳ меҳр нараст
مرا ز مزرع دل جز گیاه مهر نرست
Хёлёи ҳамаи умрат ба ҷусту ҷӯии гузашт
خیالیا همه عمرت به جست و جوی گذشت
Ки ҳаргизи он ма бе меҳри хотир ту наҷуст
که هرگز آن مه بی مهر خاطر تو نجست