Чашми мусулмони каши ту кофар маст аст

چشم مسلمان کش تو کافر مست است

Ҳиндӯии зулфи ту офтоб параст аст

هندوی زلف تو آفتاب پرست است

Дил ки з дастам бирафт ва бо ту дар афтод

دل که ز دستم برفت و با تو در افتاد

Зуд биафтад з бо чу рафтаи з даст аст

زود بیفتد ز با چو رفته ز دست است

Зулфи ту дар чашми мо бе тдши сайд

زلف تو در چشم ما بی تدش صید

Зонка ба дарё фиканда ин ҳама шаст аст

زانکه به دریا فکنده این همه شست است

Бод ба гулзор зонк буи нав оварад

باد به گلزار زانک بوی نو آورد

Шохи гули тозаро ҳамеша шикаст аст

شاخ گل تازه را همیشه شکست است

Пеш ту карданд бози васфи қади сарв

پیش تو کردند باز وصف قد سرو

Мурғ ба бонг баланд гуфт ки паст аст

مرغ به بانگ بلند گفت که پست است

Лутфи ту гуфто ба марҳабои даҳумати даст

لطف تو گفتا به مرحبا دهمت دست

Лутфи ту бо мо ҳамеша аз сар даст аст

لطف تو با ما همیشه از سر دست است

Ғамзааш ин камоли ҳозир дил бош

غمزه اش این کمال حاضر دل باش

Шишаи нигаҳи дор аз он ҳариф ки маст аст

شیشه نگه دار از آن حریف که مست است