Даромад аз дар арбоби хирқаи ногуҳи дӯст

درآمد از در ارباب خرقه ناگه دوست

Баромад аз дили дарвеши хастаи аллоҳи дӯст

برآمد از دل درویش خسته الله دوست

Чу офтоб нишасту чароғ ҳо афрӯхт

چو آفتاب نشست و چراغ ها افروخت

Даруни хилвати дилҳо ба рӯй чун маи дӯст

درون خلوت دلها به روی چون مه دوست

Ба раҳгузори дилу дидаи силҳости зи хӯн

به رهگذار دل و دیده سیلهاست ز خون

Чигуна бугзарад эй дӯстони барин раҳи дӯст

چگونه بگذرد ای دوستان برین ره دوست

?герати зи завқи дарунии наҳуфтаи ҳолат ҳост

گرت ز ذوق درونی نهفته حالت هاست

Гумон мабар ки зи хол ту нест ?агаи дӯст

گمان مبر که ز خال تو نیست اگه دوست

Бигӯ нишин ба дилати дарду нола чун бархест

بگو نشین به دلت درد و ناله چون برخاست

Ки дард мекунад онҷои мақом ва онгаҳ дӯст

که درد می کند آنجا مقام و آنگه دوست

Марӣзи ишқ ба умр дубора шуд махсӯс

مریض عشق به عمر دوباره شد مخصوص

Ба пурсишӣ чу қадам ранҷа кард ки ки дӯст

به پرسشی چو قدم رنجه کرد که که دوست

Кунанд пурсиши ман дӯстон ки кбсти камол

کنند پرسش من دوستان که کبست کمال

Даруни ҷони нави биллоҳи ҷипу толлаҳи дӯст

درون جان نو بالله جیپ و تالله دوست