Дили қиблаи худ хоки сари кӯй ту донист

دل قبله خود خاک سر کوی تو دانست

Ҷони тоъати аҳсани ҳавас рӯй ту донист

جان طاعت احسن هوس روی تو دانست

Миҳроб ду шуд зоҳид саҷҷода нишин ро

محراب دو شد زاهد سجاده نشین را

зи он рӯз ки миҳроби ду абрӯӣ ту донист

ز آن روز که محراب دو ابروی تو دانست

Ошиқи зи дилу дайни назар ақл бапушед

عاشق ز دل و دین نظر عقل بپوشید

То кофарии ғамзаи ҷодӯӣ нур донист

تا کافری غمزه جادوی نور دانست

Ақл аз паи ишқи Аннани боз ба печид

عقل از په عشق عنان باز به پیچید

То силсилаи ҷанбонеи Гевӣ нав донист

تا سلسله جنبانی گیوی نو دانست

Ваҷҳи назару давру нлл ба бадеҳӣ

وجه نظر و دور و نلل به بدیهی

Ақл аз назар рӯй туу мӯӣ ту донист

عقل از نظر روی تو و موی تو دانست

Ин нукта ки касеро зи ту на ранг ва на буиаст

این نکته که کسی را ز تو نه رنگ و نه بویست

Аз ранг ту дарёфт дил аз буи нав донист

از رنگ تو دریافت دل از بوی نو دانست

Бешаст камол аз ҳама зон рӯз ки худ ро

بیش است کمال از همه زان روز که خود را

Дар мартабаи камтари зи саги кӯй ту донист

در مرتبه کمتر ز سگ کوی تو دانست