Сари зулфи ту дузди дилҳои мост
سر زلف تو دزد دل های ماست
Гар овезӣ ӯро аз гардан равост
گر آویزی او را از گردن رواست
Ба болои лаби нуқтаи холи ту
به بالای لب نقطة خال تو
Хато нест он нуктаи машки хтост
خطا نیست آن نکته مشک ختاست
СФоҳост бо он ду рухи дида ро
صفاهاست با آن دو رخ دیده را
Ғуборӣ агар ҳаст аз он хок пост
غباری اگر هست از آن خاک پاست
Ба даври ту сӯфӣ бо пӯш шуд
به دور تو صوفی با پوش شد
Ки аз дасти ту перҳанҳо Фбост
که از دست تو پیرهن ها فباست
з ман гуфта сабр кун ним дам
ز من گفته صبر کن نیم دم
Аз он рӯй чандини сабурии крост
از آن روی چندین صبوری کراست
Ҷудо мекунад фурқати ҷони зи тан
جدا می کند فرقت جان ز تن
Қарорами зи дил низ ин худ ҷудост
قرارم ز دل نیز این خود جداست
Куҷо шуд дилат боз гуфтӣ камол
کجا شد دلت باز گفتی کمال
Ту худ неки донеи маро дил куҷост
تو خود نیک دانی مرا دل کجاست