Ишқи ту саросари ҳамаи сӯзу ҳамаи дардаст
عشق تو سراسر همه سوز و همه دردست
Рин шева ба андоза мардӣаст ки мардаст
رین شیوه به اندازه مردی است که مردست
Онкас ки дарин сарф накардаст ҳамаи умр
آنکس که درین صرف نکردست همه عمر
Бечора надонам ки ҳамаи умр чаҳ кардаст
بیچاره ندانم که همه عمر چه کردست
Зоҳид чаҳ аҷаб гар кунад аз ишқи ту парҳез
زاهد چه عجب گر کند از عشق تو پرهیز
Каси лиззати ин бода чаҳ донад ки нахурдаст
کس لذت این باده چه داند که نخوردست
Ошиқ ки на гармаст чу шамъ аз сари сӯзӣ
عاشق که نه گرمست چو شمع از سر سوزی
Гар оташ маҳзаст ба ҷони ту ки сардаст
گر آتش محض است به جان تو که سردست
Ашкӣ ки буд сурх чу рухсор ту дорем
اشکی که بود سرخ چو رخسار تو داریم
Моро зи ту ташриф на танҳо рух зардаст
ما را ز تو تشریف نه تنها رخ زردست
Бешак ки бар он дар ман хокии зи заъифӣ
بی شک که بر آن در من خاکی ز ضعیفی
Бинишастаму пиндошти рақиби нав ки гирдаст
بنشستم و پنداشت رقیب نو که گردست
Гар ҳаст камол аз ду ҷаҳони фард аҷаб нест
گر هست کمال از دو جهان فرد عجب نیست
Ин низ камолӣаст ки озода ва фардаст
این نیز کمالی است که آزاده و فردست