Ғорати чашми ту моро муфлису бечораи сохт
غارت چشم تو ما را مفلس و بیچاره ساخت
Мؤмнонрои кофарӣ аз хону мони овораи сохт
مؤمنانرا کافری از خان و مان آواره ساخت
Аз лаби ширини тарош бӯс кардӣ кӯҳ кун
از لب شیرین تراش بوس کردی کوه کن
Гар тавонистӣ дил бераҳм ӯро чораи сохт
گر توانستی دل بی رحم او را چاره ساخت
Ҳар чаҳ хӯрд он нӯши лаби хӯни дили Фарҳод буд
هر چه خورد آن نوش لب خون دل فرهاد بود
Ҳавзи шераш чун зчшм хӯн фишон фирораи сохт
حوض شیرش چون زچشم خون فشان فراره ساخت
Воъизи гирён чаҳ май созанди мардуми минбарат
واعظ گریان چه می سازند مردم منبرت
Тифлӣ ва дар гиря май бояд турои гаҳвораи сохт
طفلی و در گریه می باید ترا گهواره ساخت
Суфиёнро зад ба миҳроби оташу пашминаи сӯхт
صوفیان را زد به محراب آتش و پشمینه سوخت
Онкии он тоқи ду абрўбст ва он рухсораи сохт
آنکه آن طاق دو ابروبست و آن رخساره ساخت
Аз тамошои ту бемаънӣаст манъи ошиқон
از تماشای تو بی معنی است منع عاشقان
Чун мусаввири сӯрати хуб аз паии назораи сохт
چون مصور صورت خوب از پی نظاره ساخت
Шуд ҳамоил бикашӣ дар гарданаши дасти камол
شد حمایل بکشی در گردنش دست کمال
Он ҳамоилро зи ғайрати хостами сӣ пораи сохт
آن حمایل را ز غیرت خواستم سی پاره ساخت