Марои длист ки ҷуз бо ғами ту сар хуш нест
مرا دلیست که جز با غم تو سرخَوش نیست
Турои сиррӣ ки сари ин дил ҷФокш нест
ترا سری که سر این دلِ جفاکش نیست
зи турраҳои ту танҳо ба ман парешонам
ز طرههای تو تنها نه من پریشانم
Кадоми дил ки ба савдои он мушавваш нест
کدام دل که به سودای آن مشوش نیست
Ба чашми наргиси маст ар чаҳ шева дорад
به چشم نرگس مست ارچه شیوهای دارد
Вале мудом чу чашми хуши ту сархуш нест
ولی مدام چو چشم خوش تو سرخَوش نیست
Халили мости хаёли нави рӯзу шаби зонст
خلیل ماست خیال تو روز و شب زآنست
Каши эҳтирози зи дарди дили пар оташ нест
کش احتراز ز درد دل پر آتش نیست
Аз ҳоли нираҳи ман носеҳ аз куҷо донад
از حال تیرهٔ من ناصح از کجا داند
Чу ӯ муқайяди он банди зулф саркаш нест
چو او مقیّد آن بند زلف سرکش نیست
На одамӣаст ки ҳайвон мутлақаш хонанд
نه آدمی است که حیوان مطلقش خوانند
Гараш таъаллуқ бобӣ бидон париваш нест
گرش تعلق بابی بدان پریوش نیست
Турои зи далқи мураққаъ чаҳ ҳосиласт камол
ترا ز دلق مرقع چه حاصل است کمال
?герати суроҳеу ҷоми мудом дар каш нест
گرت صراحی و جام مدام در کش نیست