Ҳаст он чашмему бози он чашми миҷўӣими маст
هست آن چشمیم و باز آن چشم میجوئیم مست
Пеши болобши ҳадиси сарв май гўӣим паст нест
پیش بالابش حدیث سرو می گوئیم پست نیست
Ҳаст гуфтанд он даҳонро ҳар чаҳ мегӯйанд нест
هست گفتند آن دهان را هر چه می گویند نیست
Гуфтанд он мёнро ҳар чаҳ мегӯйанд ҳаст
گفتند آن میانرا هر چه می گویند هست
Дили шикаст аз ғуссаи кони абрӯи зи чашми андохташ
دل شکست از غصه کآن ابرو ز چشم انداختش
Шишаи пари хӯн буд аз тоқӣ дар афтоду шикаст
شیشه پر خون بود از طاقی در افتاد و شکست
Хӯни дил дар ҳар раг аз шодӣ биҷуст аз ҷои хеш
خون دل در هر رگ از شادی بجست از جای خویش
Чун ба қасди хӯни ман аз шасти ту тирӣ биҷуст
چون به قصد خون من از شست تو تیری بجست
Гуфта буд аз ғамзаи пайконҳо нишонам дар дилат
گفته بود از غمزه پیکانها نشانم در دلت
Ҳарчӣ гуфт он сангдили бки як маро дар дил нишаст
هرچه گفت آن سنگدل بک یک مرا در دل نشست
Мрҳбонӣ дошт дили мақсӯд азон мақсӯди дил
مرحبانی داشت دل مقصود ازان مقصود دل
Марҳабо эй дили ?герат мақсӯд хоҳад дод даст
مرحبا ای دل گرت مقصود خواهد داد دست
Тими куштаи монда буд аз ним ноз ӯ камол
تیم کشته مانده بود از نیم ناز او کمال
Як ду шева гар намекард он ду чашми ним маст
یک دو شیوه گر نمی کرد آن دو چشم نیم مست