Машну ки маро ба зи ту бор дгарӣ ҳаст

مشنو که مرا به ز تو بار دگری هست

Мсмўъ набошад ки зи ҷони дӯст тарӣ ҳаст

مسموع نباشد که ز جان دوست تری هست

Рози даҳанат боз намӯд он лаби ширин

راز دهنت باز نمود آن لب شیرین

Ки панҷоҳ суханӣ нест ки онҷо шукрӣ ҳаст

که پنجاه سخنی نیست که آنجا شکری هست

Гуфтӣ бизанам бар ҷигарати тири ҷФоӣӣ

گفتی بزنم بر جگرت تیر جفائی

Аз тир натарсам ки марои ҳам ҷгарӣ ҳаст

از تیر نترسم که مرا هم جگری هست

Ҳоли дилам аз новаки он ғамза бипурсед

حال دلم از ناوک آن غمزه بپرسید

ӯро ҳама вақте чу аз ӣнҷо гузарӣ ҳаст

او را همه وقتی چو از اینجا گذری هست

Чун зон нав шуд сари талаб он макун аз мо

چون زان نو شد سر طلب آن مکن از ما

То халқ ндонанд ки бомот сиррӣ ҳаст

تا خلق ندانند که بامات سری هست

Манъи назар аз зулф ва рахт нест ба тавҷеҳ

منع نظر از زلف و رخت نیست به توجیه

Ҳарҷо ки буд даври тасалсул назарӣ ҳаст

هرجا که بود دور تسلسل نظری هست

То чанд камоли ин ҳамаи андӯҳи ту зон зулф

تا چند کمال این همه اندوه تو زان زلف

Шаб гарчи дарозаст ба ӯ ҳам саҳарӣ ҳаст

شب گرچه دراز است به او هم سحری هست