Ҳазор шукр ки он чашми пари хуморами кишт

هزار شکر که آن چشم پر خمارم کشت

Вагарнаи ҳасрати он хости зори зорами кишт

وگرنه حسرت آن خواست زار زارم کشت

Пар воҷибаст ба ҳар гаштани тавъами шукрӣ

پر واجب است به هر گشتن توأم شکری

Ҳазор шукр ки чашмати ҳазор боРоми кишт

هزار شکر که چشمت هزار بارم کشت

Дуои зиндагӣам гӯ макун кас аз ёрон

دعای زندگیم گو مکن کس از یاران

Басаст зиндагии ман ҳамин ки боРоми кишт

بس است زندگی من همین که بارم کشت

Шаби фироқи бишорат бкштнм додӣ

شب فراق بشارت بکشتنم دادی

Чаҳ миннатаст зи нави кони шаби интизори кишт

چه منت است ز نو کآن شب انتظار کشت

Гарми ту дил надиҳӣ чун раҳами зи дасти рақиб

گرم تو دل ندهی چون رهم ز دست رقیب

Ки ҷуз ба санги ман он морро надорам кишт

که جز به سنگ من آن مار را ندارم کشت

зи печу тоб чу домӣ ки сайдро бикашад

ز پیچ و تاب چو دامی که صید را بکشد

Дарун ҳар гиреҳи он зулф со бидорам кишт

درون هر گره آن زلف ثا بدارم کشت

Нарафт оби хушӣ белабаш ба ҳалқи камол

نرفت آب خوشی بی لبش به حلق کمال

Магари дамӣ ки ба шамшери обдорми кишт

مگر دمی که به شمشیر آبدارم کشت