Он шӯха ба мо ҷузи сар бедод надорад

آن شوخه به ما جز سر بیداد ندارد

Бо ваъдаи дили ғмздаҳ шод надорад

با وعده دل غمزده شاد ندارد

Кард аз ман дили шефтаи он аҳди шикани боз

کرد از من دل شیفته آن عهد‌شکن باز

Он гӯнаи фаромӯш ки кас ёд надорад

آن گونه فراموش که کس یاد ندارد

Булбул чаҳ фиристад сӯии гули тӯҳфа ки дар даст

بلبل چه فرستد سوی گل تحفه که در دست

Бечора ба ҷузи нола ва фарёд надорад

بیچاره به جز ناله و فریاد ندارد

Бар аҳди ту такя натавон карду вафо низ

بر عهد تو تکیه نتوان کرد و وفا نیز

Кин ҳар ду банно ӣӣ сет ки бунёд надорад

کاین هر دو بنا‌یی‌ست که بنیاد ندارد

Ҳар дил ки напушади назар аз гӯшаи он чашм

هر دل که نپوشد نظر از گوشهٔ آن چشم

Мурғии сет ки андеша сайёд надорад

مرغی‌ست که اندیشهٔ صیاد ندارد

Ту ҷанг мёмўз бидон ғамза ки он шӯх

تو جنگ میاموز بدان غمزه که آن شوخ

Дар фитнагар ӣ ҳоҷат устод надорад

در فتنه‌گر‌ی حاجت استاد ندارد

Бар ҳоли камол ар накунӣ раҳм аҷаб нест

بر حال کمال ار نکنی رحم‌ عجب نیست

Ширини зи таҷаммули сар Фарҳод надорад

شیرین ز تجمل سر فرهاد ندارد