Агар вазифаи дардати замон замон нарасад

اگر وظیفة دردت زمان زمان نرسد

Ҳлоўнии бадалу лиззатӣ ба ҷон нарасад

حلاونی بدل و لذتی به جان نرسد

Ҳаловатӣ ки наро дар чаҳ занхдон аст

حلاوتی که نرا در چه زنخدان است

Ҳазор Юсуфи мисрӣ ба қаър он нарасад

هزار یوسف مصری به قعر آن نرسد

Ту ҳар тараф ки кашии нири ман зи рашки онҷо

تو هر طرف که کشی نیر من ز رشک آنجا

Пар шавам ки баҳри синаи завқ он нарасад

پر شوم که بهر سینه ذوق آن نرسد

Макаши маро ки зи баси лоғарии ҳамеи тарсам

مکش مرا که ز بس لاغری همی ترسم

Ки рӯй теғи ту ногуҳ ба устихон нарасад

که روی تیغ تو ناگه به استخوان نرسد

Куҷо ба мо расад он зулф каз занхдонат

کجا به ما رسد آن زلف کز زنخدانت

Фитодаем ба чоҳӣ ки ресмон нарасад

فتاده ایم به چاهی که ریسمان نرسد

Чунин ки нисбат рӯй ту мекунанд ба моҳ

چنین که نسبت روی تو می کنند به ماه

Чигуна аз ту сар ӯ ба осмон нарасад

چگونه از تو سر او به آسمان نرسد

Маро сиррӣаст ки бар хок пош хоҳам суд

مرا سریست که بر خاک پاش خواهم سود

ЗмФлсони худ ӯро ҷузи ин зиён нарасад

زمفلسان خود او را جز این زیان نرسد

Наиму лиззати дунё агар чаҳ бисёраст

نعیم و لذت دنیا اگر چه بسیارست

Ба завқи бодаи софӣ арғавон нарасад

به ذوق بادة صافی ارغوان نرسد

Камол то нашӯй ҳеҷ магзар аз дар бора

کمال تا نشوی هیچ مگذر از در باره

Ки заҳмат ту бидон хок остон нарасад

که زحمت تو بدان خاک آستان نرسد