Дилу ҷон то раҳанд аз банд бигушо зулфи мишкӣн ро
دل و جان تا رهند از بند بگشا زلف مشکین را
Ба поят мефитад охир раҳо кун як ду мискин ро
به پایت میفتد آخر رها کن یک دو مسکین را
зи чандон тир каз шухии зи мижгон бар трошидӣ
ز چندان تیر کز شوخی ز مژگان بر تراشیدی
Яке бар ҷони ман афкан чаҳ хоҳӣ кард чандин ро
یکی بر جان من افکن چه خواهی کرد چندین را
Сари зулфи туро дар чини бад-ӣни сӯрати рухи рангин
سر زلف ترا در چین بدین صورت رخ رنگین
Чаро пар мекашад чандини мусаввири сӯрати чин ро
چرا پر می کشد چندین مصور صورت چین را
зи заҳматҳои худ шармандаи он остонами ман
ز زحمت های خود شرمنده آن آستانم من
Ки аз бемори дардисар буд пайвастаи болин ро
که از بیمار دردسر بود پیوسته بالین را
Ба тасхири хаёли он парии пайкари шаби ҳиҷрон
به تسخیر خیال آن پری پیکر شب هجران
Ду чашм дар фишон ман фурӯ резанд парвин ро
دو چشم در فشان من فرو ریزند پروین را
Миёни гиряҳои талх дар дили нгзронимш
میان گریه های تلخ در دل نگذرانیمش
Ки натавон бгзронидн ба талхии ҷони ширин ро
که نتوان بگذرانیدن به تلخی جان شیرین را
Камол аз ҳар мижаи ашкати магари ҳамранг салмон шуд
کمال از هر مژه اشکت مگر همرنگ سلمان شد
Ки аз ашъори мардуми баради маъниҳои рангин ро
که از اشعار مردم برد معنی های رنگین را