Боз ид омаду лабҳо зи тараб хандон шуд

باز عید آمد و لب‌ها ز طرب خندان شد

Шодии иди падедори ту сад чандон шуд

شادی عید پدیدار تو صد چندان شد

Моҳ дар иди напушади рух ва бошад пайдо

ماه در عید نپوشد رخ و باشد پیدا

Парда баргир ки дигар натавон пинҳон шуд

پرده برگیر که دیگر نتوان پنهان شد

Абрӯят дод ба мардуми зи маи иди нишон

ابرویت داد به مردم ز مه عید نشان

Ҳамаро чашм ба назора ӯ ҳайрон шуд

همه را چشم به نظاره او حیران شد

Ҳар ки дидат чу маи иди шаб аз гӯшаи бом

هر که دیدت چو مه عید شب از گوشه بام

Маст чун чашми ту дар хонаи худ ғалтон шуд

مست چون چشم تو در خانه خود غلتان شد

Писта ҳар иди гарон будӣу бодом ба қадар

پسته هر عید گران بودی و بادام به قدر

Аз лабу чашми ту ин иди ҳама арзон шуд

از لب و چشم تو این عید همه ارزان شد

Одат инаст ки дар иди нахустин бикашад

عادت این است که در عید نخستین بکشد

Ғамзаро аз чаҳ ба нои куштани мо фармон шуд

غمزه را از چه به نا کشتن ما فرمان شد

Сабр то ид дигар чун натавонист камол

صبر تا عید دگر چون نتوانست کمال

Кард ид дигар ва бар дар ӯ қурбон шуд

کرد عید دگر و بر در او قربان شد