Бо оризи ту зулфи дам аз нақша чин занад
با عارض تو زلف دم از نقشه چین زند
Бар об ҳад кист ки нақшӣ чунин занад
بر آب حد کیست که نقشی چنین زند
Бояд чу соидтуз симаш ба остин
باید چو ساعد توز سیمش به آستین
Ҳар кас ки даст дар ту чу он остин занад
هر کس که دست در تو چو آن آستین زند
Ризвони зи шавқи онкӣ чу тӯбо кунӣ хиром
رضوان ز شوق آنکه چو طوبی کنی خرام
Ҷоруби роҳат аз мижаи ҳур айн занад
جاروب راهت از مژه حور عین زند
Ҷону дилам фидоат бигӯ ғамзаро ки боз
جان و دلم فدات بگو غمزه را که باز
Теғӣ бар он гуморду нирӣ барӣн занад
تیغی بر آن گمارد و نیری براین زند
Зулф ки дод молаши сад паҳлавон ба банд
زلف که داد مالش صد پهلوان به بند
Бод сабоаш гираду хуш бар замин занад
باد صباش گیرد و خوش بر زمین زند
Дуздӣаст турраи ту ки сарҳо баради буруз
دزدیست طره تو که سرها برد بروز
Туркӣаст чашми ту ки раҳи ақл ва дайн занад
ترکیست چشم تو که ره عقل و دین زند
Ҷон офарин занад чу ду чашми ту бар камол
جان آفرین زند چو دو چشم تو بر کمال
Табар аз кушоди ғамзаи саҳар офарин занад
تبر از گشاد غمزه سحر آفرین زند