Пеши рӯяти снмои васф қамар натавон кард
پیش رویت صنما وصف قمر نتوان کرد
Нисбати ҳуққаи лаълат ба шукр натавон кард
نسبت حقهٔ لعلت به شکر نتوان کرد
Бо вуҷӯди рух ва зулфин абири афшонат
با وجود رخ و زلفین عبیرافشانت
Сифати барги гулу анбар тар натавон кард
صفت برگ گل و عنبرِ تر نتوان کرد
Миҳмонӣаст таманнои ту дар хотири мо
میهمانیست تمنای تو در خاطر ما
Ки ба сад солаши азин хона бадар натавон кард
که به صد سالش ازین خانه بهدر نتوان کرد
Гуфтам аз ғами бўсоли ту гурезами лекин
گفتم از غم به وصال تو گریزم لیکن
Пеши шамшери қазои ҳеҷ сипар натавон кард
پیش شمشیر قضا هیچ سپر نتوان کرد
Гар на байнами рахт аз тарафи мишкӣн чаҳ аҷаб
گر نبینم رخت از طرف مشکین چه عجب
Дар шаби тираи бхўршид назар натавон кард
در شب تیره به خورشید نظر نتوان کرد
Гузараст аз ҳамаи олами ман длсўхтаҳ ро
گذرست از همه عالم من دلسوخته را
Лекин аз кӯии висоли ту гузар натавон кард
لیکن از کوی وصال تو گذر نتوان کرد
Натавонад ки камол аз ту гурезади бҷФо
نتواند که کمال از تو گریزد به جفا
Зонка аз ханҷари таслим ҳазар натавон кард
زانکه از خنجر تسلیم حذر نتوان کرد