Ҷону лабаш аз субҳи азали ҳмнФсоннд

جان و لبش از صبح ازل همنفسانند

Ғофили зи нафасҳои чунин ҳеҷ касонанд

غافل ز نفسهای چنین هیچ کسانند

Гиреҳи лаб аз бесабабӣ нест басии хол

گره لب از بی سببی نیست بسی خال

Онҷо шукрӣ ҳаст ки чандини мгсоннд

آنجا شکری هست که چندین مگسانند

Прўозгаҳи кӯй ту доранд таманно

پروازگه کوی تو دارند تمنا

зи он рӯз ки мурғи дилу ҷони ҳам қФсоннд

ز آن روز که مرغ دل و جان هم قفسانند

Ҳар зоҳиди хушкӣ чаҳ сазовор биҳишт аст

هر زاهد خشکی چه سزاوار بهشت است

Шоистаи оташи шимури онҳо ки хсоннд

شایسته آتش شمر آنها که خسانند

Магузор ки рӯйанд раҳати халқ ба мижгон

مگذار که رویند رهت خلق به مژگان

Тарсам ки кафи пои туро чашм расонанд

ترسم که کف پای ترا چشم رسانند

Аз бандагии сарви қадати ғунчаи даҳонон

از بندگی سرو قدت غنچه دهانان

Чун сӯсани озодаи ҳама рутаб лисонанд

چون سوسن آزاده همه رطب لسانند

Бигузашт бсди бими камол аз сари он кӯй

بگذشت بصد بیم کمال از سر آن کوی

Каз зулфу дўчшми ту шабасту ъссоннд

کز زلف و دوچشم تو شب است و عسسانند