Чу бори зистани аҳл дард напасандед
چو بار زیستن اهل درد نپسندید
Чаро бқтлаҳи ман хастаи ниғ дайр кашид
چرا بقتله من خسته نیغ دیر کشید
Ҳикояти дили бемор бовараш нафитод
حکایت دل بیمار باورش نفتاد
Ки то муъоинаи онро ба чашм хеш надид
که تا معاینه آنرا به چشم خویش ندید
Ҳадиси сӯхтагони зуди зуди оташ ро
حدیث سوختگان زود زود آتش را
Фурӯ наомад то аз кабоб хӯн начакид
فرو نیامد تا از کباب خون نچکید
зи рақс гӯша нишин тавба карда буду самоъ
ز رقص گوشه نشین توبه کرده بود و سماع
Рух ту дид ва аз он аҳд низ бар гардид
رخ تو دید و از آن عهد نیز بر گردید
Ба хок роҳ расед он каманди зулфи дароз
به خاک راه رسید آن کمند زلف دراز
Чу ман фурӯи терм аз хоки раҳ бмн нарасед
چو من فرو ترم از خاک ره بمن نرسید
Миён ҳар мижаи чашмам ба ҳайратаст ки ашк
میان هر مژه چشمم به حیرت است که اشک
Пои обила дар хорҳо чигуна давид
پای آبله در خارها چگونه دوید
Камол дар сухани аксари маъонӣ ту навишт
کمال در سخن اکثر معانی تو نوشت
Накар шинохтаи лзаҳи лкли ҷадид
نکر شناخته لذة لکل جدید