Дӯши чашмами зи фироқи ту ба хӯн тар ме шуд
دوش چشمم ز فراق تو به خون تر میشد
Оҳи ман бе маи рӯят ба фалак бар ме шуд
آه من بی مه رویت به فلک بر میشد
Ашк меомад ва май шасти зи пеши назарам
اشک میآمد و میشست ز پیش نظرم
Ҳарчӣ ҷузи нақши ту дар дида мусаввир ме шуд
هرچه جز نقش تو در دیده مصور میشد
Ма ба кӯии ту шаби чордаҳи худ байна май гашт
مه به کوی تو شب چارده خود بینه میگشت
Чу ба ойӣна рӯй ту баробар ме шуд
چو به آیینه روی تو برابر میشد
Ҳркҷо зон лаби ширин суханӣ ме гуфтанд
هرکجا زان لب شیرین سخنی میگفتند
Сухан қанд нагуфтам ки мукаррар ме шуд
سخن قند نگفتم که مکرر میشد
Қадари васли ту дили имрӯз накӯ ме донист
قدر وصل تو دل امروز نکو میدانست
Агар он давлаташи ин бор муяссар ме шуд
اگر آن دولتش این بار میسر میشد
Ҳар насимӣ ки шаб аз зулфи ту дар маҷлиси мо
هر نسیمی که شب از زلف تو در مجلس ما
Май гузашт аз дам ӯ шамъ мънбр ме шуд
میگذشت از دم او شمع معنبر میشد
Онкӣ вақте нигарон буд бар он рӯй камол
آنکه وقتی نگران بود بر آن روی کمال
Гар ҳаме дид кунунаш нигарон тар ме шуд
گر همیدید کنونش نگرانتر میشد
Сифати ориз чун оби ту дар дафтари хеш
صفت عارض چون آب تو در دفتر خویش
Бештари зони ннўштм ки варақ тар ме шуд
بیشتر زآن ننوشتم که ورق تر میشد