Зикр ма кардам шабӣ рӯй туам омад

ذکر مه کردم شبی روی توام آمد

Бод шаб кардам ба дил бо сар зулфат фитод

باد شب کردم به دل با سر زلفت فتاد

Ба ёдгар намое бо ду доли зулфи қад чун алиф

به یاد گر نمایی با دو دال زلف قد چون الف

Ҳар куҷо дар ишқ мзлўмист ёбад аз ту дод

هر کجا در عشق مظلومیست یابد از تو داد

Даври бодо аз ду зулфати дасти мо сўдоиён

دور بادا از دو زلفت دست ما سوداییان

ё касе ангушт бар ҳарфи ту натавонади ниҳод

یا کسی انگشت بر حرف تو نتواند نهاد

Гуфта будӣ чун кунӣ ёдам шавад дарди ту кам

گفته بودی چون کنی یادم شود درد تو کم

То чунин кардем гуфтӣ он зиёдат шуд зиёд

تا چنین کردیم گفتی آن زیادت شد زیاد

Бо хаёли онкии дузади чашм бар рӯяти камол

با خیال آنکه دوزد چشم بر رویت کمال

Як ба як дӯшинаи сӯзанҳои мижгон об дод

یک به یک دوشینه سوزن‌های مژگان آب داد