Рух ту дидам ва зоҳид наметавонад дид

رخ تو دیدم و زاهد نمی تواند دید

Муродаст ки ҳосид наметавонад дид

مراد است که حاسد نمی تواند دید

Дигар ба савмиъа хилват нишин куҷо бинад

دگر به صومعه خلوت نشین کجا بیند

Маро ки бе май ва шоҳид наметавонад дид

مرا که بی می و شاهد نمی تواند دید

Бгрдн ту нахоҳам ки байнами он нсбиҳ

بگردن تو نخواهم که بینم آن نسبیح

Ки ринди шакл муқаллид наметавонад дид

که رند شکل مقلد نمی تواند دید

Касе ки гӯшаи миҳроб абрўнӣ дидаст

کسی که گوشه محراب ابرونی دیدست

Дигар касяш ба масҷид наметавонад дид

دگر کسیش به مسجد نمی تواند دید

Ба нарад ишқи ту нақшии зи къбтини мурод

به نرد عشق تو نقشی ز کعبتین مراد

Варои ошиқ форад наметавонад дид

ورای عاشق فارد نمی تواند دید

Равон нагашта бсҷодаҳи ашки сӯфӣ ро

روان نگشته بسجاده اشک صوفی را

Чаҳ суди вирд ки ворид наметавонад дид

چه سود ورد که وارد نمی تواند دید

Бдиднш чаҳ штобдаҳи раванда бе ту камол

بدیدنش چه شتابده رونده بی تو کمال

Ки бедалолат муршид наметавонад дид

که بی دلالت مرشد نمی تواند دید