з хон васли ту то бо ман гадо чаҳ расад
ز خوان وصل تو تا با من گدا چه رسد
Ба ҷузи ҷигар ба гадоёни бенаво чаҳ расад
به جز جگر به گدایان بینوا چه رسد
Албата ки пар шукраст он ба ҳеҷ кас нарасед
البته که پر شکرست آن به هیچ کس نرسید
Азон даҳон ки з ҳеҷаст ки маро чаҳ расад
ازان دهان که ز هیچ است که مرا چه رسد
Ҳазор ташна ба обаи лабӣ чу қатраи об
هزار تشنه به آبه لبی چو قطره آب
Миёни он ҳама аз қатраи бмо чаҳ расад
میان آن همه از قطره بما چه رسد
Ту кистӣ ва ман эй дил ки ҷуръаи зини ҷом
تو کیستی و من ای دل که جرعه زین جام
Бсд чу ҷам нарасад то ман ва то чаҳ расад
بصد چو جم نرسد تا من و تا چه رسد
Чунин ки бар сари кӯии нави ниғи миборд
چنین که بر سر کوی نو نیغ میبارد
Ба ҷузи балои басари ошиқ аз ҳаво чаҳ расад
به جز بلا بسر عاشق از هوا چه رسد
Аз найзаи бозии мижгони шӯхи чашмонам
از نیزه بازی مژگان شوخ چشمانم
Синон ба сина расед ва ҳануз то чаҳ расад
سنان به سینه رسید و هنوز تا چه رسد
Камол чун нарасад ҷузи ҷафои зи аҳли вафо
کمال چون نرسد جز جفا ز اهل وفا
Қиёс кун ки зи хуёни биўФо чаҳ расад
قیاس کن که ز خویان بیوفا چه رسد