Шабӣ ки рӯй ту моро чароғ маҷлис шуд

شبی که روی تو ما را چراغ مجلس شد

Ба сӯхтани дили парвонааш мҳўс шуд

به سوختن دل پروانه‌اش مهوس شد

Ду чашмат аз дилу дайни ончии доштами бурданд

دو چشمت از دل و دین آنچه داشتم بردند

Тавонгарӣ ки ба мисатон нишаст муфлис шуд

توانگری که به مستان نشست مفلس شد

зи кимиёии назар чун ту хоки зар созӣ

ز کیمیای نظر چون تو خاک زر سازی

Тафовутӣ накунадгар вуҷӯди мо мис шуд

تفاوتی نکند گر وجود ما مس شد

Дигар маро ба хаёлати з бе касе чаҳ малол

دگر مرا به خیالت ز بی کسی چه ملال

Чу ғами рафиқу балои ёру дард мӯнис шуд

چو غم رفیق و بلا یار و درد مونس شد

Хушаст мутрибу соқӣ ва ман ба як ду ҳариф

خوش است مطرب و ساقی و من به یک دو حریف

Дар ин шумор ки кардам рақиб содс шуд

در این شمار که کردم رقیب سادس شد

Касе ки оқил ва ҳушёр дидамӣ маҳсус

کسی که عاقل و هشیار دیدمی محسوس

Чу дид шакли ту аз ҳуш рафт ва беҳис шуд

چو دید شکل تو از هوش رفت و بی حس شد

Ба нақши абрӯӣ ту нест дар сарочаи ҳасан

به نقش ابروی تو نیست در سراچه حسن

Ки дасти сунъ дар он тоқҳо муҳандис шуд

که دست صنع در آن طاقها مهندس شد

з май ба дарди ту парҳези мо на аз мо буд

ز می به درد تو پرهیز ما نه از ما بود

Дар ин ҷаримаи сабаби зоҳид мўсўс шуд

در این جریمه سبب زاهد موسوس شد

Нашуд ба тарзи ғазали ҳам Аннани мо ҳофиз

نشد به طرز غزل هم عنان ما حافظ

Агар чаҳ дар сафи султон абўолФўорс шуд

اگر چه در صف سلطان ابوالفوارس شد

Камоли нусхаи риндии басӣ мутолиа кард

کمال نسخه رندی بسی مطالعه کرد

Ки дар дақоиқи илми назар мударрис шуд

که در دقایق علم نظر مدرس شد