Шухӣ аз чашми ту аҷаб набӯд
شوخی از چشم تو عجب نبود
Мардуми мастро адаб набӯд
مردم مست را ادب نبود
Пеши рӯяти ду зулфати турфаи фаноад
پیش رویت دو زلفت طرفه فناد
Аз онкии як рӯзро дар шаб набӯд
از آنکه یک روز را در شب نبود
Расани зулф ту кашад дили мо
رسن زلف تو کشد دل ما
Ошиқиро ҷузи ин сабаб набӯд
عاشقی را جز این سبب نبود
Ба даҳони тавъами зи бими рақиб
به دهان توأم ز بیم رقیب
Сухании ҷузи бзир лаб набӯд
سخنی جز بزیر لب نبود
Муддаӣ нест муҳаррам дар бор
مدعی نیست محرم در بار
Ходими каъба бўлҳб набӯд
خادم کعبه بولهب نبود
Луқма дӯзахаст зоҳиди хушк
لقمة دوزخ است زاهد خشک
Қӯти онаш ба ҷуз ҳтб набӯд
قوت آنش به جز حطب نبود
Шаби ҳиҷрони мсўзи ҷони камол
شب هجران مسوز جان کمال
Баъди мурдани азоб таба набӯд
بعد مردن عذاب تبه نبود