Гар барӣ чун сари зулфи ин дили савдое ро

گر بری چون سر زلف این دل سودایی را

Бо пои бӯс ту кашад ин дили шайдое ро

با پای بوس تو کشد این دل شیدایی را

Ман азин дар нарӯм зонка бҷонӣ нарасад

من ازین در نروم زانکه بجانی نرسد

Ҳеҷ корӣ ба талаби ошиқ ҳар ҷое ро

هیچ‌کاری به طلب عاشق هر جایی را

Рӯй нанамуда гирифтам ки рӯй аз бар мо

روی ننموده گرفتم که روی از بر ما

Ба куҷо май барии ин хӯбӣу зебоӣ ро

به کجا می‌بری این خوبی و زیبایی را

Чаҳ врнҳо ки куҳан кард ба дафтари гули сурх

چه ورنها که کهن کرد به دفتر گل سرخ

То биёмухт зи рӯяти чамани ороӣ ро

تا بیاموخت ز رویت چمن‌آرایی را

Хори мижгони мангар пои буна бар сари чашм

خار مژگان منگر پای بنه بر سر چشم

Ки зӣоне нарасад аз мижаи бенаӣ ро

که زیانی نرسد از مژه بینایی را

Рӯй зоҳид накунад орзӯи ин чашми нарм

روی زاهد نکند آرزو این چشم نرم

Майл хушкӣ накунад мардуми дарёӣ ро

میل خشکی نکند مردم دریایی را

Дар нагирад дамат эй носеҳи доно ба камол

در نگیرد دمت ای ناصح دانا به کمال

То бар оташ нанаҳй дафтари доноӣ ро

تا بر آتش ننهی دفتر دانایی را