Касе ки дард ту хоҳад дилаши даво чаҳ кунад

کسی که درد تو خواهد دلش دوا چه کند

зи ишқи сина ки ранҷур шуд шифо чаҳ кунад

ز عشق سینه که رنجور شد شفا چه کند

Агар назар нагуморд ба ошиқи дарвеш

اگر نظر نگمارد به عاشق درویش

Итобату карами хеши подшо чаҳ кунад

عتابت و کرم خویش پادشا چه کند

Гирифтам он сари зулф аз синам надорад даст

گرفتم آن سر زلف از سنم ندارد دست

Шаби висол ки уфтад бадасти мо чаҳ кунад

شب وصال که افتد بدست ما چه کند

Ро чаҳ ҷурм ки худ меравад дил аз дастам

را چه جرم که خود می رود دل از دستم

Дилӣ ки худ равад аз дасти дилрабо чаҳ кунад

دلی که خود رود از دست دلربا چه کند

Чу дар биҳишти нмоӣии ҷамоли кӯи ризвон

چو در بهشت نمائی جمال کو رضوان

Бигӯ ба ҳур ки дигар касе туро чаҳ кунад

بگو به حور که دیگر کسی ترا چه کند

Хаёли ориз ту нест дар дил бе ишқ

خیال عارض تو نیست در دل بی عشق

Чунин латифи чунон ҷой беҳаво чаҳ кунад

چنین لطیف چنان جای بی هوا چه کند

Дуои ҷон ту гуфт абрӯят чу дид камол

دعای جان تو گفت ابرویت چو دید کمال

Ниёзманд ба миҳроби ҷузи дуо чаҳ кунад

نیازمند به محراب جز دعا چه کند