Гулро ба давр рӯй ту кас бӯ наме кунад

گل را به دور روی تو کس بو نمی‌کند

Булбул ба бӯстони сухан ӯ наме кунад

بلبل به بوستان سخن او نمی‌کند

То дида боз ёфт хаёли қадат дар об

تا دیده باز یافت خیال قدت در آب

Дили ҷусти вҷўии сарви лаб ҷӯ наме кунад

دل جست‌وجوی سرو لب جو نمی‌کند

Ширини лабӣ ки дид даҳон чу қанди ту

شیرین‌لبی که دید دهان چو قند تو

Васфи даҳони худ сари як мӯ наме кунад

وصف دهان خود سر یک مو نمی‌کند

Бо ошиқони рақиби дили нозуки туро

با عاشقان، رقیب، دل‌ نازک تو را

Бад мекунад ҳамеша ва некӯ наме кунад

بد می‌کند همیشه و نیکو نمی‌کند

Инкори зардии рухи мо расм бор нест

انکار زردی رخ ما رسم یار نیست

Ин кори ҷузи рақиби сияҳ рӯ наме кунад

این کار جز رقیبِ سیه‌رو نمی‌کند

Кори талаби зи пеш ба сар бохтан баранд

کار طلب ز پیش به سر باختن برند

Солик чаро қабои худ аз гӯ наме кунад

سالک چرا قبای خود از گو نمی‌کند

Доими ҳадис рӯй накӯ мекунад камол

دایم حدیث روی نکو می‌کند کمال

Андеша аз ҳикоят бдгў наме кунад

اندیشه از حکایت بدگو نمی‌کند