Моро шаби фироқи куҷои хоб май барад
ما را شب فراق کجا خواب میبرد
Сад хобро зи гиряи мо об май барад
صد خواب را ز گریه ما آب میبرد
Доруии ҷони мо зи лабаши сози гӯи табиб
داروی جان ما ز لبش ساز گو طبیب
Заҳмат чаро ба шарбати унноб май барад
زحمت چرا به شربت عناب میبرد
Махмури ишқро ба ҷузи он лаб алоҷ нест
مخمور عشق را به جز آن لب علاج نیست
Дарди сари хумора май ноб май барад
درد سر خماره می ناب میبرد
Сар май наад ба сидқи хами абрӯии туро
سر مینهد به صدق خم ابروی ترا
Ҳар порсо ки саҷда ба миҳроб май барад
هر پارسا که سجده به محراب میبرد
Пеши рух аз рақиб бпушон ба зқн
پیش رخ از رقیب بپوشان به ذقن
Кари боғи миваи диза ба маҳтоб май барад
کر باغ میوه دزه به مهتاب میبرد
Гар оби дидаи сӯии нави оради камол ро
گر آب دیده سوی نو آرد کمال را
Хошоки пеши гавҳари сероб май барад
خاشاک پیش گوهر سیراب میبرد
Табриз агар кунад ҳавас ӯро азин мақом
تبریز اگر کند هوس او را ازین مقام
Сайлоби ашки рост бар хоб май барад
سیلاب اشک راست بر خاب میبرد