Ҳар саҳар каз сари кӯии ту сабо бархезад
هر سحر کز سر کوی تو صبا برخیزد
Олимӣ бо дили ошуфтаи з ҷо бархезад
عالمی با دل آشفته ز جا برخیزد
Ки расонад бар кӯии нави хоки тани ман
که رساند بسر کوی تو خاک تن من
Магари ин кори ҳам аз даст сабо бархезад
مگر این کار هم از دست صبا برخیزد
Брнхизми пас аз ин аз сари Кувайти ҳаргиз
برنخیزم پس از این از سر کویت هرگز
Ҳарки дар кӯй ту бинишаст куҷо бархезад
هرکه در کوی تو بنشست کجا برخیزد
Фитна ҳо хост аз он зулф ки ҳиндӯии ту буд
فتنه ها خاست از آن زلف که هندوی تو بود
То аз он тарки камондор чҳо бархезад
تا از آن ترک کماندار چها برخیزد
Чаҳ шавадгар нафй хуш биншинӣ бо мо
چه شود گر نفی خوش بنشینی با ما
То ба як бори ғам аз хотир мо бархезад
تا به یک بار غم از خاطر ما برخیزد
Ту мапиндор ки бечораи камол аз дар ту
تو مپندار که بیچاره کمال از در تو
Ба бало давр шавад боз ҷафо бархезад
به بلا دور شود باز جفا برخیزد