Ёрб он шамъи чгли дӯш ба меҳмон ки буд
یارب آن شمع چگل دوش به مهمان که بود
Хат ӯ сабзӣ ва лабҳо намак хон ки буд
خط او سبزی و لبها نمک خوان که بود
Чун Хизр шуд зи назари ғоиб ва маълум нашуд
چون خضر شد ز نظر غایب و معلوم نشد
Ки ба торикии шаби чашмаи ҳайвон ки буд
که به تاریکی شب چشمه حیوان که بود
Он лаби лаъл казу монад даҳони ҳамаи боз
آن لب لعل کزو ماند دهان همه باز
Боз пурсед ки дӯшина ба дандон ки буд
باز پرسید که دوشینه به دندان که بود
Сари мо буд ва дар ӯ ҳамаи шаб то дами субҳ
سر ما بود و در او همه شب تا دم صبح
То худ ӯ шамъи сарой киу Эрон ки буд
تا خود او شمع سرای که و ایوان که بود
Сӯхтам аз ғам ва равшан нашуд ин нукта ҳануз
سوختم از غم و روشن نشد این نکته هنوز
Ки шаби он шамъи шукри лаб ба шабистон ки буд
که شب آن شمع شکر لب به شبستان که بود
Аз дили хаста чаҳ пурсӣ ки ки озурд туро
از دل خسته چه پرسی که که آزرد ترا
Ғамзаро пурсӣ ки он захми зи пайкон ки буд
غمزه را پرسی که آن زخم ز پیکان که بود
Гуфтае дар ғам ҳиҷрам накунад нолаи камол
گفته ای در غم هجرم نکند ناله کمال
Бар сари кӯии ту дӯши ин ҳамаи афғон ки буд
بر سر کوی تو دوش این همه افغان که بود