Бар фурӯз имшаб ба талъати маҷлис эй моҳи мунир

بر فروز امشب به طلعت مجلس ای ماه منیر

Гӯ бикаш худрои чароғ аз рашки вшмъ аз ғами бимир

گو بکش خودرا چراغ از رشک وشمع از غم بمیر

Шуд наҳй он остон аз хоку чашми мо ҳануз

شد نهی آن آستان از خاک و چشم ما هنوز

Пар намегардад ки бодои хок дар чашми фақир

پر نمی گردد که بادا خاک در چشم فقیر

Микшми ҷони муҳақари пеши мӯрон дарат

میکشم جان محقر پیش موران درت

Умр фармо зонкаҳ бошад тӯҳфаи мӯрони ҳақир

عمر فرما زآنکه باشد تحفة موران حقیر

Гар назири ҳоли ман ҷўнӣ бибин дар зулфу хол

گر نظیر حال من جونی ببین در زلف و خال

Ман назир худ намудем кӯи турои бории назир

من نظیر خود نمودم کو ترا باری نظیر

Нест холии он хаёли зулф чун дол аз дарун

نیست خالی آن خیال زلف چون دال از درون

Нест беруни он даҳони танг чун мем аз замир

نیست بیرون آن دهان تنگ چون میم از ضمیر

Нири мо ҳайф аст гуфтӣ бар ту хоҳемаш гирифт

نیر ما حیف است گفتی بر تو خواهیمش گرفت

Зон камон гирифт ҳайнӣ бар ман мискини мгир

زآن کمان گرفت حینی بر من مسکین مگیر

Ҳар ки бар нири қадаши чашмии нмидўзди камол

هر که بر نیر قدش چشمی نمیدوزد کمال

Рост гӯям рости чашмаш духтан бояд ба тир

راست گویم راست چشمش دوختن باید به تیر