Гар қабул нав фитад аз ман бедили сайру зар

گر قبول نو فتد از من بیدل سیر و زر

Ҳар ду пеш ту фиристам маъаи шинии охир

هر دو پیش تو فرستم مع شنی آخر

Шаб ки меҳмони ман оеи ман дарвеши зи оҳ

شب که مهمان من آیی من درویش ز آه

Созам аз баҳри ту бирёни ҳамаи мурғони саҳар

سازم از بهر تو بریان همه مرغان سحر

Бас кун эй боди сбаҳи ин ҳаракатҳои хунак

بس کن ای باد صبه این حرکتهای خنک

Чанд кардан ба ҳавои худ аз он кӯии гузар

چند کردن به هوای خود از آن کوی گذر

Ончунон ганҷи хаёли ту ғании сохт ду чашм

آنچنان گنج خیال تو غنی ساخت دو چشم

Ки бирафтанд бҷорўби мазаи лаълу гуҳар

که برفتند بجاروب مزه لعل و گهر

Сифати қанд лабат кард мукаррари тӯтӣ

صفت قند لبت کرد مکرر طوطی

Писта гуфташ ба адаби гӯи сухан ва мағз мабар

پسته گفتش به ادب گو سخن و مغز مبر

Холҳо бар лаби ширини ту доне чаҳ буд

خال ها بر لب شیرین تو دانی چه بود

Нуқтаи ҳоне ки ниҳоданд ба болои шукр

نقطه هانی که نهادند به بالای شکر

Дид чашмонтар дар даври рух ва гуфт камол

دید چشمان تر در دور رخ و گفت کمال

Фитнагар марди ми конндаҳи дарин даври қамар

فتنه گر مرد م کاننده درین دور قمر