Рафтам аз дасти ман бесару поро дарёб

رفتم از دست‌! من بی سر و پا را دریاب

Подшоҳии зи сари лутфи гадоро дарёб

پادشاهی‌! ز سر لطف گدا را دریاب

Бе гули васли дил озурда шуд аз хори фироқ

بی گل وصل‌، دل آزرده شد از خار فراق

Булбули хаста бебаргу наворо дарёб

بلبل خستهٔ بی‌برگ و نوا را دریاب

Бар дарат дайр ба дерӣ ки рӯми гӯ ба рақиб

بر درت دیر به دیری که روم گو به رقیب

Ки биёи ошиқи деринаи моро дарёб

که بیا عاشق دیرینه ما را دریاب

Зери лаби ин ҳамаи дашноми дуъогӯ чаҳ кунӣ

زیر لب این همه دشنام دعاگو چه کنی‌؟

Лутф кун бӯсӣу мақсӯди дуоро дарёб

لطف کن بوسی و مقصود دعا را دریاب

Ваъдаи васли туро гарчи вафо мумкин нест

وعده وصل ترا گرچه وفا ممکن نیست

Ҳам ба он ваъдаи дили аҳли вафоро дарёб

هم به آن وعده دل اهل وفا را دریاب

Ҷон ба лаб мерасад аз тишнагӣам беш мапоӣ

جان به لب می‌رسد از تشنگی‌ام‌، بیش مپای

эй лаб ташна бабўс он кафи поро дарёб

ای لب تشنه ببوس آن کف پا را دریاب

Дасти бӯсии ?герат аз дӯст ғам ӯст камол

دست‌بوسی گرت از دوست غم اوست کمال

Марҳабои гӯи ғам ӯроу балоро дарёб

مرحبا گو غم او را و بلا را دریاب