Дили мискин ки май бинии азинсон безару зӯраш
دل مسکین که می بینی ازینسان بی زر و زورش
Ба кӯй майкада карданд хубони муфлису ъўрш
به کوی میکده کردند خوبان مفلس و عورش
Шароби лаъл май нӯши ман аз ҷоми зумурради гаван
شراب لعل می نوشم من از جامِ زمرّد گون
аи си т ки зоҳиди афъӣ вақтасту мисозми бад-ӣни Кӯруш
که زاهد افعی وقت است و میسازم بدین کورش
Ба қасди ҷоми мо дар даст дорад сангҳо бораб расад
به قصدِ جامِ ما در دست دارد سنگها ، یا رب
Намонад мӯҳтасиб вонҳо бимонад бар сари гӯраш
نماند محتسب وآنها بماند بر سر گورش
Аз ҳоли рафтагони мо магар бо мо дигар соқӣ
ز حالِ رفتگانِ ما ، مگو با ما دگر ساقی
Ки созад бодаи талхи ту оби дидаи даҳ шӯриш
که سازد بادة تلخِ تو ، آبِ دیده ی شورش
Сулаймони кар ки дар ҷўФи ҳаво таъаҳҳудаш кашидандӣ
سلیمان گر که در جوفِ هوا تختَش کشیدندی
Кунун чун ҷӯ шуд андари хок ва ҳар сӯ мекашад мӯраш
کنون چون جو شد اندر خاک و هر سو می کشد مورش
Ҷаҳон бо ҷумлаи лзотш ба занбӯр асал монад
جهان با جمله لذآتش به زنبور عسل ماند
Ки шириняш бисёраст ва зон афзӯни шару шӯриш
که شیرینیش بسیار است و زان افزون شر و شورش
Камол аз заъфи тан чун шамъ дорад зарқашони чеҳра
کمال از ضعف تن چون شمع دارد زرفِشان چهره
Мейр кӣ шавад васл батон бо ин зару зӯраш
میسّر کِی شود وصلِ بتان ، با این زر و زورش