Ишқи ҳарфии сет ки доласт бар оёти камол
عشق حرفی ست که دال است بر آیات کمال
Онкӣ дар қол фурӯ монад нашуд воқифи ҳол
آنکه در قال فرو ماند نشد واقف حال
Зоҳиди хушк ба инкори муҳибон ҷон дод
زاهد خشک به انکار محبان جان داد
Гӯ бихӯр хок чу маҳрӯм шуд аз оби зулол
گو بخور خاک چو محروم شد از آب زلال
Варақи илм ба гардон , Қуми зуҳди шикан
ورق علم به گردان، قم زهد شکن
Сокини кӯии бқини шӯи гузар аз кӯии хаёл
ساکن کوی بقین شو گذر از کوی خیال
Ончунон бодаи ишқи ту рабӯд аз ҳушам
آنچنان باده عشق تو ربود از هوشم
Ки надорам срмўнии хабар аз ҳиҷру висол
که ندارم سرمونی خبر از هجر و وصال
Тан чӣ кор ояд агар ҷони сӯй ҷонон баравад
تن چی کار آید اگر جان سوی جانان برود
Сайл чун рехт ба дарё чаҳ кашии ранҷи суфол
سیل چون ریخت به دریا چه کشی رنج سفال
Дили гмгштаҳи зи нуқсон фироқ ояд боз
دل گمگشته ز نقصان فراق آید باز
Агараш доъияи васли расонад ба камол
اگرش داعیة وصل رساند به کمال