Гар чашм шӯх Наст ба ошиқи кашӣ мисл
گر چشم شوخ نست به عاشق کشی مثل
Дар ҳалқҳо зи давру тасалсули фанади ҷадал
در حلقها ز دور و تسلسل فند جدل
Дили з ончӣ гуфт дар даҳшати ҳастаи ҷои нутқ
دل ز آنچه گفت در دهشت هسته جای نطق
Лекин чаҳ ҳосиласт зи илми балои амал
لیکن چه حاصل است ز علم بلا عمل
Бо коми пари шукри магасии ангабини зи давр
با کام پر شکر مگسی انگبین ز دور
Мо бар ту ошиқем ба ҳамдолла аз азал
ما بر تو عاشقیم به حمدالله از ازل
Ушшоқро чу ҳасан батонаст қиблаи гоҳ
عشاق را چو حسن بتان است قبله گاه
Шарманда шуд чу он суханӣ буд бе ҳамл
شرمنده شد چو آن سخنی بود بی حمل
Чашми зи гиряи рӯ ба харобӣ ниҳода аст
چشم ز گریه رو به خرابی نهاده است
Қанди лаб ту дид ва фиканд аз даҳони асал
قند لب تو دید و فکند از دهان عسل
Моро бигуфту гӯии ту он зулф ва рух фиканд
ما را بگفت و گوی تو آن زلف و رخ فکند
Рӯй ту қиблаи дили мо шуда азин қабл
روی تو قبله دل ما شده ازین قبل
Донад вафоу меҳри накӯи бор бо камол
داند وفا و مهر نکو بار با کمال
Оре фитад ба хонаи мардуми занами халал
آری فتد به خانه مردم زنم خلل