Он шӯх ки рафт аз бар мо боз куҷо рафт
آن شوخ که رفت از بر ما باز کجا رفت
Давр аз назари аҳли вафои боз куҷо рафт
دور از نظر اهل وفا باز کجا رفت
Ҷони тозаи кунон бар сари болини заъифон
جان تازه کنان بر سر بالین ضعیفان
Нои омада чун боди сабои боз куҷо рафт
نا آمده چون باد صبا باز کجا رفت
Дарди дили ранҷури маро зон лаби ҷонбхш
درد دل رنجور مرا زان لب جانبخش
То родаи бишорат ба шифои боз куҷо рафт
تا راده بشارت به شفا باز کجا رفت
Он шоҳ казу хонаи дил шоҳ нишин буд
آن شاه کزو خانه دل شاه نشین بود
Аз кулбаи аҳзони гадои боз куҷо рафт
از کلبه احزان گدا باز کجا رفت
Шаҳбоз сифат кард басии сайди дилу боз
شهباز صفت کرد بسی صید دل و باز
Бгрт ба тарки ҳама то боз куҷо рафт
بگرت به ترک همه تا باز کجا رفت
Дил рафт ба буии ту зи масҷид ба харобот
دل رفت به بوی تو ز مسجد به خرابات
Бечора назар кун зи куҷои боз куҷо рафт
بیچاره نظر کن ز کجا باز کجا رفت
Ҳам майкадаи ҳам савмиъаи холии з камол аст
هم میکده هم صومعه خالی ز کمال است
То асари ту бзорӣу дуои боз куҷо рафт
تا اثر تو بزاری و دعا باز کجا رفت