Сифати зулфи каҷат рост набояд ба қалам
صفت زلف کجت راست نباید به قلم
Ма нав бошад аз абрӯии ту бисёре кам
مه نو باشد از ابروی تو بسیاری کم
Ту ба хӯбӣ на чунонӣ ки шикеб аз ту тавон
تو به خوبی نه چنانی که شکیب از تو توان
Ҳамаи савдои ту доранда ва ман ғмздаҳи ҳам
همه سودای تو دارنده و من غمزده هم
Бо ҳамаи ранҷи ғарибӣу ғами тнҳоӣӣ
با همه رنج غریبی و غم تنهائی
Чун ғами ишқи туам мӯнис ҷонаст чаҳ ғам
چون غم عشق توام مونس جانست چه غم
Каши ишқаи ту ҳаргиз накунад бодаи ҳаёт
کش عشقه تو هرگز نکند باده حیات
Хастаи ниғи нав қатъан напазирад марҳам
خسته نیغ نو قطعا نپذیرد مرهم
Чашмам ар нираҳ шуд аз фурқат рӯй нав равост
چشمم ار نیره شد از فرقت روی نو رواست
Зуди бобади халали он хона ки бошад пурнам
زود بابد خلل آن خانه که باشد پرنم
Рўзгорист ки хоки қадами тести камол
روزگاریست که خاک قدم تست کمال
Ба рақобат ки макаши домани азин хоки қадам
به رقابت که مکش دامن ازین خاک قدم