Умрӣаст ки аз хилвата дар майкадаи мсӣўрим
عمریست که از خلوته در میکده مسئوریم
Шаби масту саҳари гоҳон чун чашм ту махмурем
شب مست و سحر گاهان چون چشم تو مخموریم
Каси буи риё нишнид аз хрФаҳи мо риндон
کس بوی ریا نشنید از خرفة ما رندان
Чун давр ба сад фарсанг аз зоҳид мағрурем
چون دور به صد فرسنگ از زاهد مغروریم
Паии бардаи бкўии ту то бофти буии ту
پی برده بکوی تو تا بافت بوی تو
Осӯда ба рӯй ту аз ҷинат ва аз ҳурем
آسوده به روی تو از جنت و از حوریم
Ҳайрони ҷамоли нави мо сӯхтагони як як
حیران جمال نو ما سوختگان یک یک
Парвона он шамъем мустағриқ он нурем
پروانه آن شمعیم مستغرق آن نوریم
эй ҷони гиронмояи нави нурӣ ва мо соя
ای جان گرانمایه نو نوری و ما سایه
Бо мо чу нави наздикии мо аз ту чаро даврем
با ما چو نو نزدیکی ما از تو چرا دوریم
То дарди дилии гўӣими кӯ бо ту маҷоли он
تا درد دلی گوئیم کو با تو مجال آن
Фарёд ки натавонем дрбобаҳ ки ранҷурем
فریاد که نتوانیم دربابه که رنجوریم
Гӯйанд камол аз ишқ шуд шуҳра ба гумномӣ
گویند کمال از عشق شد شهره به گمنامی
Чун зарра гумем аммо бо меҳр ту машҳурем
چون ذره گمیم اما با مهر تو مشهوریم