Маро гӯйанд борон кист бори ту чаро гӯям

مرا گویند باران کیست بار تو چرا گویم

з мҳрўбон кадомаст ихтиёри нав чаро гӯям

ز مهروبان کدامست اختیار نو چرا گویم

Нишаста бар сари роҳи талабкорӣ чу муштоқон

نشسته بر سر راه طلبکاری چو مشتاقان

Барои кист чандини интизори ту чаро гӯям

برای کیست چندین انتظار تو چرا گویم

Намонад аз хӯрдан ғамҳои ту ному нишонеи ҳам

نماند از خوردن غمهای تو نام و نشانی هم

Нигунӣ чист номи ғмгсори нав чаро гӯям

نگونی چیست نام غمگسار نو چرا گویم

Рақиб ар гуядам к-эии бихбр аз кору бори худ

رقیب ار گویدم کای بیخبر از کار و بار خود

Ба ман борӣ бигӯ то чист кори ту чаро гӯям

به من باری بگو تا چیست کار تو چرا گویم

Гарм бошад маҷоли нутқи пеши ту ба рӯзу шаб

گرم باشد مجال نطق پیش تو به روز و شب

Сухани ҷуз аз сари зулфу изори ту чаро гӯям

سخن جز از سر زلف و عذار تو چرا گویم

Ва агар боз аз қарори дӯстии он зулф бар гардад

و اگر باز از قرار دوستی آن زلف بر گردد

Чаро ва чун ба зулф бе қарори ту чаро гӯям

چرا و چون به زلف بی قرار تو چرا گویم

Агар хӯни камоли он ғамзаи резад аз сари мастӣ

اگر خون کمال آن غمزه ریزد از سر مستی

Ман ин ранҷиш ба чашми пари хумори ту чаро гӯям

من این رنجش به چشم پر خمار تو چرا گویم