Як шаби насими зулфат аз ҳалқаи шунӯдам

یک شب نسیم زلفت از حلقه شنودم

Мишкӣни нафаси баромади он дами зи синаи дӯдам

مشکین نفس برآمد آن دم ز سینه دودم

Бимии з ҷон фишонӣ ҳеҷам набӯд чун шамъ

بیمی ز جان فشانی هیچم نبود چون شمع

Он шаб чу оби дида аз сар гузашта будам

آن شب چو آب دیده از سر گذشته بودم

Ман дар латофати он гӯии зқн чаҳ гӯям

من در لطافت آن گوی ذقن چه گویم

То дидамаш рабӯда аз хеш дар рабӯдам

تا دیدمش ربوده از خویش در ربودم

Чндонки меҳру кинтаҳ бо ман фузун ва кам шуд

چندانک مهر و کینته با من فزون و کم شد

Дар сабру биқрорӣ кам кардам ва фузудам

در صبر و بیقراری کم کردم و فزودم

Соқии марези ҷуръа то мӯҳтасиб на бинад

ساقی مریز جرعه تا محتسب نه بیند

Доғи шароби гулгун бар хирқаи кабӯдам

داغ شراب گلگون بر خرقه کبودم

Аз бонги чанг корам шуд сад бришми афзӯн

از بانگ چنگ کارم شد صد بریشم افزون

То сӯии бодаи навашон дар парда раҳ намудем

تا سوی باده نوشان در پرده ره نمودم

Рафт онкӣ бе ту дигари чашм камол хасед

رفت آنکه بی تو دیگر چشم کمال خسید

Он хоб буд гўӣӣ вақтеа ки миғнўдм

آن خواب بود گوئی وقتیه که میغنودم