Дили ман ошиқ борӣаст ки гуфтан натавон
دل من عاشق باریست که گفتن نتوان
Рӯзу шаб дар пай корӣаст ки гуфтан натавон
روز و شب در پی کاریست که گفتن نتوان
Ин ҳамаи чеҳра ки кардем ба хуноба нигор
این همه چهره که کردیم به خونابه نگار
Аз ғам рӯй нигорӣаст ки гуфтан натавон
از غم روی نگاریست که گفتن نتوان
Дидаи зондм ки зхўни хок дарат шаст ба ашк
دیده زاندم که زخون خاک درت شست به اشک
Бар дил аз дидаи ғборист ки гуфтан натавон
بر دل از دیده غباریست که گفتن نتوان
Домана чун ту гулӣ кӣ ба кафи орм ки рақиб
دامنه چون تو گلی کی به کف آرم که رقیب
Дар ту овехтаи хорист ки гуфтан натавон
در تو آویخته خاریست که گفتن نتوان
Чашми хўнризи турои дӯш ба хӯнам ки бирехт
چشم خونریز ترا دوش به خونم که بریخت
Дар сари имрӯзи хморист ки гуфтан натавон
در سر امروز خماریست که گفتن نتوان
Бо навой сангдил аз ман ки расонад ки маро
با نوای سنگدل از من که رساند که مرا
Бар дил аз ҳиҷр ту борӣаст ки гуфтан натавон
بر دل از هجر تو باریست که گفتن نتوان
Саҳли мшмр ки ба зулфи ту дар афтод камол
سهل مشمر که به زلف تو در افتاد کمال
Ки дарин дом шикорӣаст ки гуфтан натавон
که درین دام شکاریست که گفتن نتوان