Зулф бар дӯши он парӣ дар моҳтоб омад бурун
زلف بر دوش آن پری در ماهتاب آمد برون
Гўнё аз сӯии чини сад офтоб омад бурун
گونیا از سوی چین صد آفتاب آمد برون
Давр созам гуфтам ашк аз чашмтар бо остин
دور سازم گفتم اشک از چشم تر با آستین
Чашмаи чандоне ки кардам пок об омад бурун
چشمه چندانی که کردم پاک آب آمد برون
Меравад оҳам ба гардун то зи дил хӯн ме равад
میرود آهم به گردون تا ز دل خون می رود
Дӯд аз равзани зи хуноб кабоб омад бурун
دود از روزن ز خوناب کباب آمد برون
Кови ков хирқаҳо карданд дар даври лабаш
کاو کاو خرقهها کردند در دور لبش
зи остини суфиёни ҷом шароб омад бурун
ز آستین صوفیان جام شراب آمد برون
Гар зи дил берун шуд виншст бар чашмам чаҳ бок
گر ز دل بیرون شد وینشست بر چشمم چه باک
Буд ганҷи ҳасан аз кунҷ хароб омад бурун
بود گنج حسن از کنج خراب آمد برون
Бӯса ҳо додам ҳамоилро ки аз баҳри рақиб
بوسه ها دادم حمایل را که از بهر رقیب
Чун гушӯдам фоли оёт азоб омад бурун
چون گشودم فال آیات عذاب آمد برون
То науфтад дар давидани пеши болоишаҳи камол
تا نیفتد در دویدن پیش بالایشه کمال
Аз дар хилват ба таъҷил ва шитоб омад бурун
از در خلوت به تعجیل و شتاب آمد برون