Гар шабии он маи зи манзил бениқоб ояд бурун
گر شبی آن مه ز منزل بی نقاب آید برون
зи аввали шабаҳ то дами субҳ офтоб ояд бурун
ز اول شبه تا دم صبح آفتاب آید برون
То ба чашми ман хаёли он ба омад хоб рафт
تا به چشم من خیال آن به آمد خواب رفت
Чун намак уфтад даруни дида хоб ояд бурун
چون نمک افتد درون دیده خواب آید برون
Аз ҷигари хӯнӣ ки резами дили ғизои мисоздш
از جگر خونی که ریزم دل غذا میسازدش
Фарат оташ бошад он хӯн каз кабоб ояд бурун
فرت آتش باشد آن خون کز کباب آید برون
Ҳар куҷо бошад нишони пой ӯ онҷо ба чашм
هر کجا باشد نشان پای او آنجا به چشم
Хок бардорем чандоне ки об ояд бурун
خاک برداریم چندانی که آب آید برون
Кӣ буруни обад албата аз ӯҳдаи бӯсӣ ки гуфт
کی برون آبد البته از عهده بوسی که گفت
Чун маҳоласт оби ҳайрон каз сароб ояд бурун
چون محال است آب حیران کز سراب آید برون
Хирқаҳои суфиён дар даври чашми масти ту
خرقه های صوفیان در دور چشم مست تو
Солҳо бояд ки аз раҳн шароб ояд бурун
سالها باید که از رهن شراب آید برون
Бо ҳамаи тақвоу зуҳд ар башнавад науммат камол
با همه تقوی و زهد ار بشنود نامت کمال
Аз даруни савмиъаи маст ва хароб ояд бурун
از درون صومعه مست و خراب آید برون