Инчунин сӯрати матбӯъи з ҷоннатавон сохт

اینچنین صورت مطبوع ز جان نتوان ساخت

Сухани сохтаи ширинтар аз иннатавон сохт

سخن ساخته شیرین تر از این نتوان ساخت

Он ду абрӯии мқўс ду камонанд баланд

آن دو ابروی مقوس دو کمانند بلند

Ки қаламро зании қанд забоннатавон сохт

که قلم را زنی قند زبان نتوان ساخت

Гуфтам он ғамзаи шӯх аз чаҳ з абрӯаст фурӯ

گفتم آن غمزة شوخ از چه ز ابروست فرو

Варна сад сол ба фикри ин суханоннатавон сохт

ورنه صد سال به فکر این سخنان نتوان ساخت

Бут ту нест ӯро даҳан аммо сахтӣ сохта анд

بت تو نیست او را دهن اما سختی ساخته اند

Гар тавон сохт чу қади ту равоннатавон сохт

گر توان ساخت چو قد تو روان نتوان ساخت

Ҳайфам ояд ба қалами номи лабати баради дареғ

حیفم آید به قلم نام لبت برد دریغ

Ки ба сад қарн аз он турфа камоннатавон сохт

که به صد قرن از آن طرفه کمان نتوان ساخت

Дар сухани лутфи илоҳӣ ба ту борости камол

در سخن لطف الهی به تو باراست کمال

Гуфт болотар аз устод дуконнатавон сохт

گفت بالاتر از استاد دکان نتوان ساخت

Ани сохтану сохтан аз санги дилаш

ان ساختن و ساختن از سنگ دلش

Сахттар аз дил бераҳм батоннатавон сохт

سخت تر از دل بی رحم بتان نتوان ساخت