Бо чашми ман ин ашки равонро чаҳ фитодаст
با چشم من این اشک روان را چه فتادست
Бо ҷони ман ин сӯзи ниҳонро чаҳ фитодаст
با جان من این سوز نهان را چه فتادست
Гар хӯн равад аз дил ки кабобаст аҷаб нест
گر خون رود از دل که کبابست عجب نیست
Ин дидаи хунобаи чиконро чаҳ фитодаст
این دیده خونابه چکان را چه فتادست
Агар тан ба таби ҳиҷр ба пои баста чу шамъ аст
اگر تن به تب هجر به پا بسته چو شمع است
Бо сӯхтан ин риштаи ҷонро чаҳ фитодаст
با سوختن این رشته جان را چه فتادست
Аз пойгар уфтами ман давр аз ту ба роҳам
از پای گر افتم من دور از تو به راهم
Он гесуӣ дар пои кашонро чаҳ фитодаст
آن گیسوی در پای کشان را چه فتادست
Чашм аз ҳавас диданат афтода бурунаст
چشم از هوس دیدنت افتاده برونست
Бо рӯй ту чашми нигаронро чаҳ фитодаст
با روی تو چشم نگران را چه فتادست
Дай ронад магас аз ман бетоқат ва ме гуфт
دی راند مگس از من بی طاقت و می گفت
Гирди пашшаи ин магонро чаҳ фитодаст
گرد پشه این مگان را چه فتادست
Дар ҷон камол омаду афканди сад ошӯб
در جان کمال آمد و افکند صد آشوب
Ёрб ба ман он шӯхи ҷаҳонро чаҳ фитодаст
یارب به من آن شوخ جهان را چه فتادست